कुरान - 26:215 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

215
وَٱخۡفِضۡ جَنَاحَكَ لِمَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Wakhfid janaahaka limanit taba 'aka minal mu'mineen)

और जो ईमान वाले आपकी पैरवी करें उनके लिए अपने बाज़ू झुकाए रखिए (शफ़क़त व नर्मी बरतिए) [212] [213]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 215 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 215

"और जो ईमान वाले आपकी पैरवी करें उनके लिए अपने बाज़ू झुकाए रखिए [212] [213];"

[212–213] मोमिनीन पर हुज़ूर ﷺ की बेपायां शफ़क़त व रहमत

'बाज़ू झुकाने' से मुराद निहायत तवाज़ो, नर्मी, रहमत और महफ़ूज़ साया अता फ़रमाना है, जैसे परिंदा अपने बच्चों पर हिफ़ाज़त से अपने पर फैला देता है। अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ को हुक्म फ़रमाया कि ग़रीब, मुफ़्लिस और सच्चे मोमिनों के साथ इंतहाई लुत्फ़ व करम का बर्ताव फ़रमाएं। आप मोमिनीन के लिए 'रऊफ़ुर रहीम' हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now