Transliteration: (Wa tawakkal alal 'Azeezir Raheem)
"और उस ज़ात पर भरोसा रखिए जो ज़बरदस्त और बेहद रहम फ़रमाने वाली है [215];"
तवक्कुल का मतलब अस्बाब को छोड़ देना नहीं, बल्कि दुनियावी अस्बाब व तदाबीर इख़्तियार करने के बाद नतीजा अल्लाह तआला के सुपुर्द करना है। हुज़ूर ﷺ ने जिहाद के तमाम अस्बाब, हथियार और लश्कर तैयार फ़रमाए और फिर क़ादिर-ए-मुतलक़ अल्लाह पर भरोसा रखा जो हर दुश्मन पर ग़ालिब है।
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