कुरान - 26:69 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
وَٱتۡلُ عَلَيۡهِمۡ نَبَأَ إِبۡرَٰهِيمَ

Transliteration: (Watlu 'alaihim naba-a Ibraaheem)

और आप इन्हें इब्राहीम का वाक़िआ सुनाइए [77]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 69

"और आप इन्हें इब्राहीम का वाक़िआ सुनाइए [77];"

[77] हज़रत इब्राहीम ख़लीलुल्लाह अलैहिस्सलाम का ज़िक्र-ए-ख़ैर

अल्लाह तआला ने हुज़ूर अक़दस ﷺ को हुक्म दिया कि इन मुशरिकीन-ए-मक्का के सामने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम का क़िस्सा बयान फ़रमाएं, क्योंकि अहले-मक्का हज़रत इब्राहीम की औलाद होने पर फ़ख़्र करते थे मगर उनके तौहीद के दीन को छोड़कर बुतों की पूजा करते थे।

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