कुरान - 26:70 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَا تَعۡبُدُونَ

Transliteration: (Iz qaala li abeehi wa qawmihee maa ta'budoon)

जब उन्होंने अपने वालिद और अपनी क़ौम से फ़रमाया, 'तुम किसकी इबादत करते हो [78]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 70

"जब उन्होंने अपने वालिद और अपनी क़ौम से फ़रमाया, 'तुम किसकी इबादत करते हो [78]?'"

[78] बुतपरस्ती की हक़ीक़त पर इब्राहीमी सवाल

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने चचा (आज़र) और अपनी क़ौम से यह सवाल उनकी अक़्लों को बेदार करने के लिए किया कि ज़रा सोचो तो सही कि तुम किन चीज़ों की पूजा कर रहे हो?

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