Transliteration: (Wa maa huwa biqawli shaitaanir rajeem )
"और यह क़ुरआन है, किसी शापित शैतान का कथन नहीं।" (सूरह अत-तकवीर: 25)
अवतरण का कारण (Reason for Revelation)
मushरिकों ने दावा किया कि कोई जिन्न या शैतान नबी ﷺ को क़ुरआन सुनाता है। इस आरोप का खंडन करने के लिए अल्लाह ने यह आयत उतारी, जो स्पष्ट रूप से प्रमाणित करती है कि क़ुरआन दिव्य वह़ी है और किसी शैतान के शब्द नहीं हैं।
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