कुरान - 81:25 सूरह अत-तक्वीर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
وَمَا هُوَ بِقَوۡلِ شَيۡطَٰنٖ رَّجِيمٖ

Transliteration: (Wa maa huwa biqawli shaitaanir rajeem )

25. और यह क़ुरआन किसी रँदी हुए (धिक्कारे हुए) शैतान का कथन नहीं है [21]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तक्वीर आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़ुरआन की दिव्य उत्पत्ति (The Divine Origin of the Quran)

"और यह क़ुरआन है, किसी शापित शैतान का कथन नहीं।" (सूरह अत-तकवीर: 25)

अवतरण का कारण (Reason for Revelation)

मushरिकों ने दावा किया कि कोई जिन्न या शैतान नबी ﷺ को क़ुरआन सुनाता है। इस आरोप का खंडन करने के लिए अल्लाह ने यह आयत उतारी, जो स्पष्ट रूप से प्रमाणित करती है कि क़ुरआन दिव्य वह़ी है और किसी शैतान के शब्द नहीं हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now