कुरान - 81:23 सूरह अत-तक्वीर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
وَلَقَدۡ رَءَاهُ بِٱلۡأُفُقِ ٱلۡمُبِينِ

Transliteration: (Wa laqad ra aahu bilufuqil mubeen )

23.और बेशक उन्होंने उसे साफ़ अफ़क़ (क्षितिज) पर देखा [19]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तक्वीर आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

23. नबी करीम ﷺ का रौशन दर्शन (The Vision of the Holy Prophet ﷺ)

"और बेशक उन्होंने (मुहम्मद ﷺ) उसे साफ़ अफ़क़ (क्षितिज) पर देखा।" (सूरह अत-तकवीर: 23)

नबी करीम ﷺ का हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) को देखना (The Holy Prophet’s ﷺ Vision of Hazrat Jibraeel (Peace Be Upon Him))

  1. यह आयत नबी करीम ﷺ की ज़िन्दगी के एक अहम लम्हे की तरफ़ इशारा करती है:
  • असल सूरत में हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) का दीदार: नबी करीम ﷺ ने हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) को उनकी असली, रौशन और अज़ीम सूरत में पूर्वी क्षितिज के किनारे पर देखा।
  • हदीस की पुष्टि: हदीस में इसका ज़िक्र मिलता है कि यह वाक़िया वही (दिव्य प्रकाशना) की हक़ीक़त और फ़रिश्तों की अज़मत का सुबूत था।

साफ़ क्षितिज का प्रतीकात्मक महत्व (The Clear Horizon as a Symbol of Clarity)

  • अटल सच्चाई: "साफ़ अफ़क़" (स्पष्ट क्षितिज) का मतलब है कि नबी करीम ﷺ का यह दर्शन बिल्कुल स्पष्ट और निश्चित था—इसमें किसी तरह का भ्रम या संदेह नहीं था।
  • नबूवत की पुष्टि: यह दर्शन इस बात की तस्दीक़ करता है कि नबी करीम ﷺ को सीधा इलाही मार्गदर्शन मिल रहा था, और उनका मिशन सच्चाई और यक़ीन पर आधारित था।

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