कुरान - 81:21 सूरह अत-तक्वीर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
مُّطَاعٖ ثَمَّ أَمِينٖ

Transliteration: (Mutaa'in samma ameen )

21. वह आज्ञाकारी है और विश्वासपात्र है [17]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तक्वीर आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) की अमानतदारी और अधिकार (The Trustworthiness and Authority of Hazrat Jibraeel (Peace Be Upon Him))

"वह आदेश का पालन किया जाता है और अमानतदार है।" (सूरह अत-तकवीर: 21)

हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) की अमानतदारी (The Trustworthiness of Hazrat Jibraeel (Peace Be Upon Him))

  1. इस आयत में हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) की दो महत्वपूर्ण विशेषताओं का उल्लेख किया गया है: आज्ञापालन और अमानतदारी।
  • फ़रिश्तों की आज्ञापालन: सभी फ़रिश्ते हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) की आज्ञा का पालन करते हैं, क्योंकि वे फ़रिश्तों के प्रमुख और दिव्य प्रकाशना (वही) के वाहक हैं।
  • वही (प्रकाशना) के संरक्षक: वे अल्लाह के कलाम के संरक्षक हैं, इस प्रकार यह सुनिश्चित करते हैं कि कुरआन बिना किसी कमी या बदलाव के प्रेषित हो।
  • कुरआन की हिफाज़त: जिस तरह कुरआन आसमान से पूरी तरह सुरक्षित रूप में उतरा, वैसे ही इसे धरती पर भी शुद्ध रूप में संरक्षित किया गया।
  • नबियों की अमानतदारी: जिस प्रकार हज़रत जिब्राइल (अलैहिस्सलाम) पर वही की ज़िम्मेदारी थी, उसी प्रकार नबियों को भी अल्लाह के संदेश को पूर्ण अमानतदारी के साथ पहुँचाने की ज़िम्मेदारी दी गई।
  • सहाबा की अमानतदारी: जिन सम्मानित सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) ने कुरआन को संकलित और संरक्षित किया, वे भी पूर्ण रूप से विश्वसनीय थे। उनकी सच्चाई पर संदेह करना दरअसल कुरआन की सत्यता पर प्रश्न उठाने के समान है।

नबी करीम ﷺ के गुण (The Attributes of the Holy Prophet ﷺ)

कुछ विद्वानों का मत है कि ये विशेषताएँ—आज्ञापालन और अमानतदारी—नबी करीम ﷺ के लिए भी लागू होती हैं।

  • हर युग और हर स्थान के लिए नबी: नबी करीम ﷺ सम्पूर्ण मानवता के लिए एक सार्वभौमिक रसूल हैं।
  • सहृदयता और शक्ति: आप ﷺ धन और मामलों में अत्यधिक उदार हैं। साथ ही, आपके पास अद्वितीय शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति है।
  • आपकी पाक हस्ती में दिव्य शक्ति: हदीस में वर्णित है कि आपकी आँखें, कान, हाथ और पाँव दिव्य शक्ति और पूर्णता को प्रतिबिंबित करते हैं।

नबी करीम ﷺ का सम्मान और अधिकार (The Honour and Authority of the Holy Prophet ﷺ)

  • अल्लाह की बारगाह में उच्च स्थान: नबी करीम ﷺ को अल्लाह की उपस्थिति में अत्यधिक सम्मान और आदर प्राप्त है।
  • आपके मुहब्बत करने वालों का सम्मान: जो भी नबी करीम ﷺ से सच्ची मुहब्बत करता है, उसे भी अल्लाह की ओर से सम्मान और बरकत मिलती है।
  • सृष्टि पर आपका अधिकार: अल्लाह तआला आपकी दुआओं को सुनता है, और पूरी सृष्टि आपकी हुकूमत के अधीन है।
  • सबसे बड़े अमीन: आप ﷺ अल्लाह की दिव्य अमानतों के सच्चे संरक्षक हैं।

नबी करीम ﷺ की ज़ुबान से निकला हुआ कुरआन (The Quran Through the Blessed Tongue of the Prophet ﷺ)

  • कुरआन में तब्दील होना: जब नबी करीम ﷺ ने दिव्य ग्रंथ को पढ़ा, तो वह कुरआन बन गया।
  • मुबारक ज़ुबान: कितनी पाक और मुबारक है वह ज़ुबान, जो अल्लाह के दिव्य कलाम को कुरआन में बदल देती है!

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