कुरान - 40:25 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
فَلَمَّا جَآءَهُم بِٱلۡحَقِّ مِنۡ عِندِنَا قَالُواْ ٱقۡتُلُوٓاْ أَبۡنَآءَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مَعَهُۥ وَٱسۡتَحۡيُواْ نِسَآءَهُمۡۚ وَمَا كَيۡدُ ٱلۡكَٰفِرِينَ إِلَّا فِي ضَلَٰلٖ

Transliteration: (Falamma jaaa'ahum bil haqqi min 'indinaa qaaluq tulooo abnaaa'al lazeena aamanoo ma'ahoo wastahyoo nisaaa'ahum; wa maa kaidul kaafireena illaa fee dalaal)

फिर जब वह उनके पास हमारी तरफ़ से हक़ लेकर आए, तो उन्होंने कहा: 'उनके बेटों को क़त्ल कर दो जो उनके साथ ईमान लाए हैं [60] और उनकी औरतों को ज़िंदा रखो [61]'; और काफ़िरों की तदबीर तो सिर्फ़ भटकने (नाकाम होने) ही के लिए है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 25

"फिर जब वह उनके पास हमारी तरफ़ से हक़ लेकर आए, तो उन्होंने कहा: 'उनके बेटों को क़त्ल कर दो जो उनके साथ ईमान लाए हैं [60] और उनकी औरतों को ज़िंदा रखो [61]'; और काफ़िरों की तदबीर तो सिर्फ़ भटकने (नाकाम होने) ही के लिए है।"

[60] ईमान वालों पर ज़ुल्म व तशद्दुद

फ़िरऔन ने ईमान लाने वालों को कमज़ोर और ख़ौफ़ज़दा करने के लिए दोबारा यह ज़ालिमाना हुक्म जारी किया कि उनके लड़कों को क़त्ल कर दो।

[61] फ़िरऔनी साज़िश की नाकामी

हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की विलादत से पहले भी उसने बच्चों को क़त्ल कराया था मगर मूसा अलैहिस्सलाम उसी के महल में पले। अब दोबारा उसने वही साज़िश की, मगर अल्लाह की तदबीर के आगे काफ़िरों की हर चाल अकारथ और तबाह हो गई।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now