कुरान - 40:1 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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حمٓ

Transliteration: (Haa-Meeem)

हा-मीम। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 1

"हा-मीम।"

हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत का राज़

'हा-मीम' हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है। यह कलाम-ए-इलाही के वे मुक़द्दस राज़ व अस्रार हैं जिनका हक़ीक़ी इल्म अल्लाह तआला और उसके हबीब पाक सैयदे आलम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ही को हासिल है।

क़ुरआन करीम की सात (7) सूरतों की इब्तिदा 'हा-मीम' से होती है जिन्हें 'हवामीम' कहा जाता है। हदीस शरीफ़ में हवामीम को 'क़ुरआन की दुल्हन' (अरूसुल क़ुरआन) फ़रमाया गया है।

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