कुरान - 40:5 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
كَذَّبَتۡ قَبۡلَهُمۡ قَوۡمُ نُوحٖ وَٱلۡأَحۡزَابُ مِنۢ بَعۡدِهِمۡۖ وَهَمَّتۡ كُلُّ أُمَّةِۭ بِرَسُولِهِمۡ لِيَأۡخُذُوهُۖ وَجَٰدَلُواْ بِٱلۡبَٰطِلِ لِيُدۡحِضُواْ بِهِ ٱلۡحَقَّ فَأَخَذۡتُهُمۡۖ فَكَيۡفَ كَانَ عِقَابِ

Transliteration: (Kazzabat qablahum qawmu Noohinw wal Ahzaabu min ba'dihim wa hammat kullu ummatin bi Rasoolihim li ya'khuzoohu wa jaadaloo bilbaatili li yud hidoo bihil haqqa fa akhaztuhum fa kaifa kaana 'iqaab)

इनसे पहले नूह की क़ौम ने और उनके बाद के गिरोहों ने (रसूलों को) झुठलाया [10], और हर उम्मत ने अपने रसूल के बारे में यह इरादा किया कि उन्हें पकड़ लें (क़त्ल या क़ैद कर दें) [11], और उन्होंने बातिल के ज़रिये झगड़ा किया [12] ताकि उसके ज़रिये हक़ को डिगा दें [13], तो मैंने उन्हें पकड़ लिया, तो देखो मेरा अज़ाब कैसा था [14]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 5

"इनसे पहले नूह की क़ौम ने और उनके बाद के गिरोहों ने (रसूलों को) झुठलाया [10], और हर उम्मत ने अपने रसूल के बारे में यह इरादा किया कि उन्हें पकड़ लें (क़त्ल या क़ैद कर दें) [11], और उन्होंने बातिल के ज़रिये झगड़ा किया [12] ताकि उसके ज़रिये हक़ को डिगा दें [13], तो मैंने उन्हें पकड़ लिया, तो देखो मेरा अज़ाब कैसा था [14]!"

[10] पिछली क़ौमों की नाफ़रमानी

हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम, आद, समूद और दीगर क़ौमों ने भी अपने अंबिया को झुठलाया था। उनके पास भी दौलत और ताक़त थी, मगर कुफ़्र ने उन्हें तबाह कर दिया।

[11] रसूलों के ख़िलाफ़ साज़िशें

हर ज़माने के नाफ़रमानों ने अल्लाह के रसूलों को नुक़सान पहुँचाने, क़ैद करने या शहीद करने की नापाक कोशिशें कीं, मगर अल्लाह ने हमेशा अपने रसूलों की हिफ़ाज़त फ़रमाई।

[12] बातिल दलाइल से हक़ का मुक़ाबला

वे जादू, शायराना कलाम या झूठे फ़लसफ़ों के ज़रिये मोजिज़ात का मुक़ाबला करने की कोशिश करते थे।

[13] हक़ को मिटाने की नाकाम हसरत

उनका मक़सद था कि हक़ की रौशनी को बुझा दें, मगर हक़ हमेशा ग़ालिब रहा और बातिल मिट कर रहा।

[14] क़हर-ए-इलाही की पकड़

जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो कोई क़ौम अपने आपको न बचा सकी—तूफ़ान, चीख़, पत्थरों और ज़लज़लों ने उन्हें नेस्त-ओ-नाबूद कर दिया।

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