कुरान - 40:2 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
تَنزِيلُ ٱلۡكِتَٰبِ مِنَ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡعَلِيمِ

Transliteration: (Tanzeelul Kitaabi minal laahil Azeezil 'Aleem)

इस किताब (क़ुरआन) का नाज़िल फ़रमाना अल्लाह की तरफ़ से है जो निहायत इज़्ज़त वाला, सब कुछ जानने वाला है [2] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 2

"इस किताब (क़ुरआन) का नाज़िल फ़रमाना अल्लाह की तरफ़ से है जो निहायत इज़्ज़त वाला, सब कुछ जानने वाला है [2] ।"

[2] अज़ीज़ व अलीम की जानिब से नुज़ूल-ए-क़ुरआन

यह मुबारक क़ुरआन अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की जानिब से नाज़िल हुआ जो 'अज़ीज़' (सब पर ग़ालिब व साहिब-ए-इज़्ज़त) और 'अलीम' (ज़ाहिर व बातिन हर चीज़ का कामिल इल्म रखने वाला) है।

जो शख़्स इस मुबारक कलाम को थामेगा, उसकी तिलावत करेगा और इसके अहकाम पर अमल करेगा, अल्लाह तआला उसे दुनिया में भी इज़्ज़त व इल्म अता फ़रमाएगा और आख़िरत में भी बुलंदी नसीब फ़रमाएगा।

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