कुरान - 40:63 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
كَذَٰلِكَ يُؤۡفَكُ ٱلَّذِينَ كَانُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ يَجۡحَدُونَ

Transliteration: (Kazaalika yu'fakul lazeena kaanoo bi Aayaatil laahi yajhadoon)

इसी तरह वे लोग उल्टे फिराए जाते रहे जो अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे [160] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 63

"इसी तरह वे लोग उल्टे फिराए जाते रहे जो अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे [160] ।"

[160] आयतों का इनकार ही गुमराही की जड़

जो लोग अल्लाह की आयतों, नबियों के मोजिज़ात और तौहीद के रोशन दलाइल का इनकार करते हैं, उनकी अक़्लों पर पर्दा पड़ जाता है और वे सीधे रास्ते से भटक कर कुफ़्र की दलदल में जा गिरते हैं।

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