कुरान - 11:100 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

100
ذَٰلِكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلۡقُرَىٰ نَقُصُّهُۥ عَلَيۡكَۖ مِنۡهَا قَآئِمٞ وَحَصِيدٞ

Transliteration: (Zaalika min ambaaa'il quraa naqussuhoo 'alaika minhaa qaaa'imunw wa haseed)

यह बस्तियों के अहवाल में से हैं जो हम आपको सुनाते हैं; उनमें से कुछ तो अब भी क़ायम हैं और कुछ की फ़सल कट चुकी है (उनका नामो-निशान मिट चुका है) [201]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 100 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 100 की तफ़्सीर

✅ [201] उजड़ी हुई बस्तियों की इब्रत

'क़ायम' से मुराद वे बस्तियां हैं जिनके खंडर आज भी इब्रत के लिए बाक़ी हैं, और 'हसीद' से मुराद वे बस्तियां हैं जिन्हें कटी हुई फ़सल की तरह ज़मीन के बराबर कर दिया गया कि उनका कोई निशान बाक़ी न रहा।

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