कुरान - 11:119 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

119
إِلَّا مَن رَّحِمَ رَبُّكَۚ وَلِذَٰلِكَ خَلَقَهُمۡۗ وَتَمَّتۡ كَلِمَةُ رَبِّكَ لَأَمۡلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنَ ٱلۡجِنَّةِ وَٱلنَّاسِ أَجۡمَعِينَ

Transliteration: (Illaa mar rahima Rabbuk; wa lizaalika khalaqahum; wa tammat Kalimatu Rabbika la amla'ana Jahannama minal jinnati wannnaasi ajma'een)

सिवाय उन लोगों के जिन पर आपका रब रहम फ़रमाए [230]; और इसी के लिए उसने उन्हें पैदा किया है। और आपके रब की यह बात पूरी हो चुकी कि: मैं ज़रूर दोज़ख़ को जिन्नों और इंसानों दोनों से भर दूंगा [231]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 119 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 119 की तफ़्सीर

✅ [230] अहले रहमत (मोमिनीन)

जिन पर अल्लाह की ख़ास रहमत हुई वे हक़ और सुन्नत की राह पर मुत्तफ़िक़ व साबित क़दम रहे।

✅ [231] जहन्नम का वादा

जो जिन्न और इंसान अपनी बदआमाली और कुफ़्र की वजह से नाफ़रमान बने, उनसे जहन्नम को भर दिया जाएगा।

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