कुरान - 11:120 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

120
وَكُلّٗا نَّقُصُّ عَلَيۡكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلرُّسُلِ مَا نُثَبِّتُ بِهِۦ فُؤَادَكَۚ وَجَآءَكَ فِي هَٰذِهِ ٱلۡحَقُّ وَمَوۡعِظَةٞ وَذِكۡرَىٰ لِلۡمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Wa kullan naqussu 'alaika min ambaaa'ir Rusuli maa nusabbitu bihee fu'aadak; wa jaaa'aka fee haazihil haqqu wa maw'izatunw wa zikraa lilmu' mineen)

और रसूलों के अहवाल में से सब कुछ हम आपको सुनाते हैं जिससे हम आपके दिल को तसल्ली और क़ुव्वत बख़्शें [232, 233]। और इसमें आपके पास हक़ आ गया, और मोमिनों के लिए नसीहत और याददिहानी [234]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 120 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 120 की तफ़्सीर

✅ [232] अम्बिया-ए-किराम का ज़िक्र और इल्म

अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ को साबिक़ा अम्बिया के वाक़िआत बयान फ़रमाए ताकि आपका इल्मे ग़ैब और बसीरत कामिल हो।

✅ [233] क़ल्बे मुबारक़ की तसल्ली

काफ़िरों की ईज़ा-रसानी के मुक़ाबले में रसूलुल्लाह ﷺ के दिल को सुकून और साबित क़दमी बख़्शी गई।

✅ [234] अहले ईमान के लिए ज़िक्रा

इन वाक़िआत में मोमिनों के ईमान को ताज़ा करने और हक़ पर जमे रहने का अज़ीम सामान है।

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