कुरान - 11:76 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

76
يَـٰٓإِبۡرَٰهِيمُ أَعۡرِضۡ عَنۡ هَٰذَآۖ إِنَّهُۥ قَدۡ جَآءَ أَمۡرُ رَبِّكَۖ وَإِنَّهُمۡ ءَاتِيهِمۡ عَذَابٌ غَيۡرُ مَرۡدُودٖ

Transliteration: (Yaaa Ibraaheemu a'rid 'an haazaaa innahoo qad jaaa'a amru Rabbika wa innahum aateehim 'azaabun ghairu mardood)

'ऐ इब्राहीम! इस बात से दरगुज़र कीजिए। बेशक आपके रब का हुक्म आ चुका है। और बेशक उन पर ऐसा अज़ाब आने वाला है जो पलटा नहीं जा सकता' [154]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 76 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 76 की तफ़्सीर

✅ [154] क़ज़ा-ए-मुबरम अटल है

अल्लाह ने फ़रमाया कि ऐ इब्राहीम, अब इस बात को छोड़ दीजिए, क्योंकि क़ौमे लूत की हलाकत का क़तई और अटल फ़ैसला हो चुका है। जब क़ज़ा-ए-मुबरम आ जाए तो वह किसी के टालने से नहीं टलती।

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