कुरान - 11:78 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
وَجَآءَهُۥ قَوۡمُهُۥ يُهۡرَعُونَ إِلَيۡهِ وَمِن قَبۡلُ كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٱلسَّيِّـَٔاتِۚ قَالَ يَٰقَوۡمِ هَـٰٓؤُلَآءِ بَنَاتِي هُنَّ أَطۡهَرُ لَكُمۡۖ فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَلَا تُخۡزُونِ فِي ضَيۡفِيٓۖ أَلَيۡسَ مِنكُمۡ رَجُلٞ رَّشِيدٞ

Transliteration: (Wa jaaa'ahoo qawmuhoo yuhra'oona ilaihi wa min qablu kaanoo ya'maloonas saiyiaat; qaala yaa qawmi haaa'ulaaa'i banaatee hunna atharu lakum fattaqul laaha wa laa tukhzooni fee daifee alaisa minkum rajulur rasheed)

और उनकी क़ौम के लोग उनके पास दौड़ते हुए आए [156], और वे पहले ही से बदकारियां करते थे। लूत ने कहा, 'ऐ मेरी क़ौम! ये मेरी (क़ौम की) बेटियां हैं [157]; ये तुम्हारे लिए पाकीज़ा हैं। पस अल्लाह से डरो और मेरे मेहमानों के बारे में मुझे रुसवा न करो [158]। क्या तुम में कोई भी भला आदमी नहीं है [159]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूra हूद – आयत 78 की तफ़्सीर

✅ [156] बदकारों का हुजूम

लूत (अलै.) की काफ़िरा बीवी ने जाकर क़ौम के बदकारों को ख़बर कर दी कि घर में निहायत हसीन नौजवान आए हैं, जिस पर वे दौड़ते हुए आ धमके।

✅ [157] 'मेरी बेटियां' से मुराद

नबी पूरी उम्मत का रूहानी बाप होता है। हज़रत लूत (अलै.) ने फ़रमाया कि अपनी क़ौम की औरतों से शरीअत के मुताबिक़ निकाह करो, वह तुम्हारे लिए पाकीज़ा तरीक़ा है।

✅ [158] मेहमानों की हिफ़ाज़त

मेहमानों की इज़्ज़त व आबरू की हिफ़ाज़त करना सुन्नते अम्बिया है; आपने फ़रमाया कि मुझे मेरे मेहमानों के सामने रुसवा न करो।

✅ [159] नेक इंसान की तलाश

आपने फ़रमाया कि क्या पूरी क़ौम में एक भी अक़्लमंद और बा-हया इंसान नहीं बचा जो तुम्हें इस बेहयाई से रोके?

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