कुरान - 11:80 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
قَالَ لَوۡ أَنَّ لِي بِكُمۡ قُوَّةً أَوۡ ءَاوِيٓ إِلَىٰ رُكۡنٖ شَدِيدٖ

Transliteration: (Qaala law anna lee bikum quwwatan aw aaweee ilaa ruknin shadeed)

लूत ने कहा, 'काश! मेरे पास तुम्हारे मुक़ाबले की ताक़त होती या मैं किसी मज़बूत सहारे की पनाह ले सकता' [161]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 80 की तफ़्सीर

✅ [161] मज़बूत सहारे की तमन्ना

हज़रत लूत (अलै.) उस वक़्त परदेसी थे और उनका कोई बड़ा क़बीला वहां न था। आपने हसरत से फ़रमाया कि काश मेरे पास ताक़तवर जमाअत होती जो तुम्हें ज़बरदस्ती रोक सकती। हदीस शरीफ़ में आता है कि अल्लाह लूत (अलै.) पर रहम फ़रमाए कि वे निहायत मज़बूत सहारे (यानी अल्लाह तआला) की पनाह चाहते थे।

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