कुरान - 11:79 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
قَالُواْ لَقَدۡ عَلِمۡتَ مَا لَنَا فِي بَنَاتِكَ مِنۡ حَقّٖ وَإِنَّكَ لَتَعۡلَمُ مَا نُرِيدُ

Transliteration: (Qaaloo laqad 'alimta maa lanaa fee banaatika min haqq, wa innaka lata'lamu maa nureed)

वे बोले, 'आप तो जानते ही हैं कि हमें आपकी बेटियों से कोई ग़रज़ नहीं [160], और आप ख़ूब जानते हैं कि हम क्या चाहते हैं।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 79 की तफ़्सीर

✅ [160] बेहयाई पर बेबाकी और इसरार

क़ौम के बदकारों ने हया और शराफ़त का दामन छोड़ते हुए साफ़ कह दिया कि हमें औरतों में कोई दिलचस्पी नहीं, बल्कि हमारा इरादा इन नौजवानों से अपनी ख़बीस ख़्वाहिश पूरी करने का है। यह उनके अख़लाक़ी दिवालियापन की इंतिहा थी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now