कुरान - 14:13 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِرُسُلِهِمۡ لَنُخۡرِجَنَّكُم مِّنۡ أَرۡضِنَآ أَوۡ لَتَعُودُنَّ فِي مِلَّتِنَاۖ فَأَوۡحَىٰٓ إِلَيۡهِمۡ رَبُّهُمۡ لَنُهۡلِكَنَّ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Transliteration: (Wa qaalal lazeena kafaroo li Rusulihim lanukhrijanna kum min aardinaaa aw la ta'oodunna fee millatinaa fa awhaaa ilaihim Rabbuhum lanuhlikannaz zaalimeen)

और जिन लोगों ने कुफ़्र किया उन्होंने अपने रसूलों से कहा, "हम अवश्य तुम्हें अपनी धरती से निकाल बाहर करेंगे, या तुम्हें हमारे धर्म में वापस लौटना होगा।" तब उनके रब ने उनकी ओर वह्य भेजी कि, "हम अवश्य ही इन ज़ालिमों को नष्ट कर देंगे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 13 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] देश निकाला की धमकी और अल्लाह का फ़ैसला

दलीलों में हारने के बाद ज़ालिमों का आख़िरी हथियार हमेशा हिंसा और निर्वासन (देश निकाला) रहा है। उन्होंने नबियों को धमकी दी कि या तो हमारे झूठे दीन में वापस आओ या देश छोड़ो। अल्लाह ने नबियों को तसल्ली दी कि ज़ालिमों का ख़ात्मा निश्चित है।

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