कुरान - 14:12 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
وَمَا لَنَآ أَلَّا نَتَوَكَّلَ عَلَى ٱللَّهِ وَقَدۡ هَدَىٰنَا سُبُلَنَاۚ وَلَنَصۡبِرَنَّ عَلَىٰ مَآ ءَاذَيۡتُمُونَاۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُتَوَكِّلُونَ

Transliteration: (Wa maa lanaa allaa natawakkala 'alal laahi wa qad hadaanaa subulanaa; wa lanasbiranna 'alaa maaa aazaitumoonaa; wa 'alal laahi falyatawakkalil mutawakkiloon)

"और हमारे लिए क्या कारण है कि हम अल्लाह पर भरोसा न करें, जबकि उसने हमें हमारे (सत्य के) रास्ते दिखा दिए हैं? और जो कष्ट तुम हमें पहुंचा रहे हो उस पर हम अवश्य सब्र करेंगे; और भरोसा करने वालों को केवल अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 12 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] विरोधियों के ज़ुल्म पर सब्र और अडिग तवक्कुल

पैग़म्बरों ने काफ़िरों की धमकियों और ज़ुल्म के सामने सीना तानकर कहा कि जब अल्लाह ने हमें सीधा रास्ता दिखा दिया है तो हम पूरी तरह उसी पर निर्भर हैं और तुम्हारी दी हुई हर तकलीफ़ पर सब्र करेंगे।

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