कुरान - 14:23 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
وَأُدۡخِلَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ جَنَّـٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا بِإِذۡنِ رَبِّهِمۡۖ تَحِيَّتُهُمۡ فِيهَا سَلَٰمٌ

Transliteration: (Wa udkhilal lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati Jannaatin tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaa bi izni Rabbihim tahiyyatuhum feeha salaam)

और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक कर्म किए, उन्हें ऐसे बाग़ों (जन्नतों) में प्रविष्ट किया जाएगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी, वे अपने रब की अनुमति से उसमें सदैव रहेंगे। उसमें उनका अभिवादन (सलामती की दुआ) "सलाम" होगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 23 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] मोमिनों का जन्नत में स्थायी वास और 'सलाम'

जहन्नमियों की बदहाली के विपरीत, ईमान और नेक अमल वालों को जन्नत के सदाबहार बाग़ों में ठहराया जाएगा जहाँ वे हमेशा रहेंगे और उनका आपस में तथा फ़रिश्तों के साथ मिलन केवल शांति और 'सलाम' के मुबारक शब्दों से होगा।

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