कुरान - 14:48 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
يَوۡمَ تُبَدَّلُ ٱلۡأَرۡضُ غَيۡرَ ٱلۡأَرۡضِ وَٱلسَّمَٰوَٰتُۖ وَبَرَزُواْ لِلَّهِ ٱلۡوَٰحِدِ ٱلۡقَهَّارِ

Transliteration: (Yawma tubaddalul ardu ghairal ardi wassamaawaatu wa barazoo lillaahil Waahidil Qahhaar)

जिस दिन यह धरती दूसरी धरती से बदल दी जाएगी और आकाश भी (बदल दिए जाएंगे), और सब के सब अल्लाह के सामने पेश होंगे जो अकेला है, सब पर पूर्ण प्रभुत्व रखने वाला (अल-वाहिदुल क़हहार) है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 48 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ज़मीन और आसमान का परिवर्तन (हश्र का मैदान)

क़यामत के दिन यह वर्तमान पृथ्वी बिल्कुल सपाट, चांदी जैसी सफ़ेद और पहाड़ विहीन मैदान में बदल दी जाएगी। उस दिन कोई छिपने की जगह नहीं होगी और सभी इंसान 'अल-वाहिदुल क़हहार' के सामने नंगे पैर, नंगे बदन पेश होंगे।

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