कुरान - 14:46 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

46
وَقَدۡ مَكَرُواْ مَكۡرَهُمۡ وَعِندَ ٱللَّهِ مَكۡرُهُمۡ وَإِن كَانَ مَكۡرُهُمۡ لِتَزُولَ مِنۡهُ ٱلۡجِبَالُ

Transliteration: (Wa qad makaroo makrahum wa 'indal laahi makruhum wa in kaana makruhum litazoola minhul jibaal)

और उन्होंने अपनी सारी चालें चल लीं, जबकि उनकी चाल (का तोड़) अल्लाह के पास था, यद्यपि उनकी चालें ऐसी थीं जिनसे पहाड़ भी अपनी जगह से टल जाएं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 46 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 46 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] काफ़िरों की भयानक साज़िशें और अल्लाह की सर्वोच्च तदबीर

काफ़िरों ने इस्लाम और पैग़म्बर को मिटाने के लिए ऐसी ज़बरदस्त साज़िशें रचीं जो पहाड़ों को हिला देने जैसी थीं। परन्तु अल्लाह की हिकमत और क़ुदरत के सामने उनकी हर साज़िश नाकाम और तबाह हो गई।

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