कुरान - 14:45 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
وَسَكَنتُمۡ فِي مَسَٰكِنِ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ وَتَبَيَّنَ لَكُمۡ كَيۡفَ فَعَلۡنَا بِهِمۡ وَضَرَبۡنَا لَكُمُ ٱلۡأَمۡثَالَ

Transliteration: (Wa sakantum fee masaakinil lazeena zalamooo anfusahum wa tabaiyana lakum kaifa fa'alnaa bihim wa darabnaa lakumul amsaal)

"और तुम उन्हीं लोगों की बस्तियों में रहे जिन्होंने स्वयं अपने ऊपर ज़ुल्म किया था, और तुम पर यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका था कि हमने उनके साथ कैसा व्यवहार किया था, और हमने तुम्हारे लिए बहुत-सी मिसालें भी बयान की थीं।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 45 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पिछली तबाहशुदा क़ौमों के खंडहरों से सबक़ न लेना

कुरैश के लोग व्यापारिक सफ़रों में क़ौम-ए-समूद (हिज्र) और क़ौम-ए-लूत के खंडहरों के पास से गुज़रते थे। अल्लाह ने फ़रमाया कि तुमने अपनी आंखों से ज़ालिमों का अंजाम देखा था, फिर भी तुमने सबक़ नहीं लिया।

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