कुरान - 19:17 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
فَٱتَّخَذَتۡ مِن دُونِهِمۡ حِجَابٗا فَأَرۡسَلۡنَآ إِلَيۡهَا رُوحَنَا فَتَمَثَّلَ لَهَا بَشَرٗا سَوِيّٗا

Transliteration: (Fattakhazat min doonihim hijaaban fa arsalnaaa ilaihaa roohanaa fatamassala lahaa basharan sawiyyaa)

फिर उन्होंने उनसे (लोगों से) अपनी तरफ़ एक पर्दा डाल लिया; तो हमने उनके पास अपनी रूह (हज़रत जिब्रील) को भेजा, तो वह उनके सामने एक पूरा-पूरा तंदुरुस्त इंसान बनकर ज़ाहिर हुए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 17

✅ हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का इंसानी शक्ल में नुज़ूल

हज़रत मरयम ने इबादत और पर्दे के लिए आड़ बना रखी थी। अल्लाह ने हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) को एक निहायत ख़ूबसूरत और मुकम्मल इंसानी शक्ल में उनके पास भेजा।

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