कुरान - 19:18 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

18
قَالَتۡ إِنِّيٓ أَعُوذُ بِٱلرَّحۡمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيّٗا

Transliteration: (Qaalat inneee a'oozu bir Rahmaani minka in kunta taqiyyaa)

मरयम ने कहा, 'मैं तुझसे रहमान (अल्लाह) की पनाह मांगती हूँ, अगर तू (अल्लाह से) डरने वाला है!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 18 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 18

✅ हज़रत मरयम की पाकदामनी और ख़ौफ़े ख़ुदा

अचानक तन्हाई में एक नौजवान मर्द को देखकर हज़रत मरयम की पाकदामनी और हया बेदार हो गई और उन्होंने फ़ौरन अल्लाह की पनाह मांगी और उस शख़्स को अल्लाह का ख़ौफ़ दिलाया। यह एक मोमिन औरत की पाकीज़ा फ़ितरत की अलामत है।

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