कुरान - 19:27 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
فَأَتَتۡ بِهِۦ قَوۡمَهَا تَحۡمِلُهُۥۖ قَالُواْ يَٰمَرۡيَمُ لَقَدۡ جِئۡتِ شَيۡـٔٗا فَرِيّٗا

Transliteration: (Fa atat bihee qawmahaa tahmiluhoo qaaloo yaa Maryamoo laqad ji'ti shai'an fariyyaa)

फिर वह उस (बच्चे) को उठाए हुए अपनी क़ौम के पास ले आईं; वे कहने लगे, 'ऐ मरयम! यक़ीनन तूने बहुत ही अनोखा और बुरा काम कर डाला!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 27

✅ क़ौम का शदीद इल्ज़ाम और बोहतान

जब हज़रत मरयम बच्चे को गोद में लेकर बस्ती में आईं, तो लोगों ने देखा और बिना तहक़ीक़ किए बदचलनी के भयानक इल्ज़ाम लगाने शुरू कर दिए।

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