कुरान - 19:29 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
فَأَشَارَتۡ إِلَيۡهِۖ قَالُواْ كَيۡفَ نُكَلِّمُ مَن كَانَ فِي ٱلۡمَهۡدِ صَبِيّٗا

Transliteration: (Fa ashaarat ilaih; qaaloo kaifa nukallimu man kaana fil mahdi sabiyyaa)

तो मरयम ने उस (बच्चे) की तरफ़ इशारा कर दिया; वे बोले, 'हम उससे कैसे बात करें जो पालने (गोद) में एक बच्चा है?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 29

✅ बच्चे की तरफ़ इशारा और लोगों का मज़ाक़

हज़रत मरयम ने अपनी ज़बान खोलने के बजाय सिर्फ़ नवजात बच्चे की तरफ़ इशारा कर दिया कि जो पूछना है इससे पूछो। लोग मज़ाक़ उड़ाने लगे कि क्या हम पागल हैं जो गोद के दूध पीते बच्चे से सवाल करें?

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