कुरान - 19:76 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

76
وَيَزِيدُ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ٱهۡتَدَوۡاْ هُدٗىۗ وَٱلۡبَٰقِيَٰتُ ٱلصَّـٰلِحَٰتُ خَيۡرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابٗا وَخَيۡرٞ مَّرَدًّا

Transliteration: (Wa yazeedul laahul lazeenah tadaw hudaa; wal baaqiyaatus saalihaatu khairun 'inda Rabbika sawaabanw wa khairum maraddaa)

और जो लोग हिदायत पा चुके हैं, अल्लाह उनकी हिदायत को और बढ़ाता है; और बाक़ी रहने वाली नेकियाँ (अल-बाक़ियातुस-सालिहात) आपके रब के नज़दीक सवाब के एतबार से भी बेहतर हैं और बेहतरीन अंजाम के एतबार से भी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 76 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 76

✅ अहले हिदायत के लिए नूर और बाक़ियात-ए-सालिहात

जो लोग हक़ की राह चुनते हैं, अल्लाह उनके सीने को और ज़्यादा खोल देता है और उन्हें नेकी की तौफ़ीक़ बख़्शता है। दुनिया की दौलत यहीं रह जाएगी, सिर्फ़ 'बाक़ियात-ए-सालिहात' (नेक आमाल) ही आख़िरत में हमेशा काम आएंगे।

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