कुरान - 19:74 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

74
وَكَمۡ أَهۡلَكۡنَا قَبۡلَهُم مِّن قَرۡنٍ هُمۡ أَحۡسَنُ أَثَٰثٗا وَرِءۡيٗا

Transliteration: (Wa kam ahlaknaa qablahum min qarnin hum ahsanu asaasanw wa ri'yaa)

हालांकि हम उनसे पहले कितनी ही क़ौमों को हलाक कर चुके हैं जो साज़ो-सामान और ज़ाहिरी ठाठ-बाट में इनसे कहीं बेहतर थीं! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 74 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 74

✅ गुज़री हुई ताक़तवर क़ौमों की हलाकत

अल्लाह ने जवाब दिया कि इनसे पहले आद, समूद और फ़िरऔन जैसी क़ौमें गुज़री हैं जिनके पास इनसे कहीं ज़्यादा दौलत, महल और फ़ौजें थीं, लेकिन जब उन्होंने हक़ को झुठलाया तो अल्लाह ने उन्हें तबाह कर दिया और उनका कोई साज़ो-सामान उन्हें न बचा सका।

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