कुरान - 19:72 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
ثُمَّ نُنَجِّي ٱلَّذِينَ ٱتَّقَواْ وَّنَذَرُ ٱلظَّـٰلِمِينَ فِيهَا جِثِيّٗا

Transliteration: (Summa nunajjil lazeenat taqaw wa nazaruz zaalimeena feehaa jisiyyaa)

फिर हम उन लोगों को बचा लेंगे जो तक़वा (परहेज़गारी) इख़्तियार करते थे, और ज़ालिमों को उसमें घुटनों के बल पड़ा छोड़ देंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 72

✅ मुत्तक़ीन की नजात और ज़ालिमों का जहन्नम में गिरना

अल्लाह तआला अपने मुत्तक़ी और नेक बन्दों को पुल सिरात से सलामत गुज़ार कर नजात बख़्शेगा, जबकि ज़ालिम और मुशरिक लोग कट-कट कर औंधे मुंह जहन्नम की आग में गिर जाएंगे।

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