कुरान - 19:70 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
ثُمَّ لَنَحۡنُ أَعۡلَمُ بِٱلَّذِينَ هُمۡ أَوۡلَىٰ بِهَا صِلِيّٗا

Transliteration: (Summa lanahnu a'lamu billazeena hum awlaa bihaa siliyyaa)

फिर हम उन लोगों को ख़ूब जानते हैं जो उसमें (आग में) झोंके जाने के सबसे ज़्यादा हक़दार हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 70

✅ अल्लाह का मुकम्मल इल्म और इंसाफ़

अल्लाह तआला हर मुजरिम के जुर्म की शिद्दत और नीयत से पूरी तरह बाख़बर है। अज़ाब में किसी के साथ नाइंसाफ़ी नहीं होगी, जो जितना बड़ा मुजरिम होगा उसे उतना ही शदीद अज़ाब दिया जाएगा।

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