कुरान - 19:68 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

68
فَوَرَبِّكَ لَنَحۡشُرَنَّهُمۡ وَٱلشَّيَٰطِينَ ثُمَّ لَنُحۡضِرَنَّهُمۡ حَوۡلَ جَهَنَّمَ جِثِيّٗا

Transliteration: (Fawa Rabbika lanahshu rannahum wash shayaateena summa lanuhdirannahum hawla jahannama jisiyyaa)

पस आपके रब की क़सम! हम ज़रूर उन सबको और शैतानों को इकट्ठा करेंगे, फिर हम उन्हें जहन्नम के इर्द-गिर्द घुटनों के बल गिराकर हाज़िर करेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 68 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 68

✅ मुजरिमों और शैतानों का महशर में ज़िल्लत के साथ जमा होना

अल्लाह तआला अपनी ज़ात की क़सम खाकर फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन इन मुनकिरों और उनके गुमराह करने वाले शैतानों को एक साथ लाया जाएगा और वे जहन्नम के किनारे इन्तेहाई ज़िल्लत और ख़ौफ़ से घुटनों के बल पड़े होंगे।

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