कुरान - 19:71 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

71
وَإِن مِّنكُمۡ إِلَّا وَارِدُهَاۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ حَتۡمٗا مَّقۡضِيّٗا

Transliteration: (Wa in minkum illaa waariduhaa; kaana 'alaa Rabbika hatmam maqdiyyaa)

और तुम में से कोई ऐसा नहीं है जो उस (जहन्नम) पर से न गुज़रे (पुल सिरात); यह आपके रब के ज़िम्मे एक तयशुदा लाज़िमी फ़ैसला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 71 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 71

✅ पुल सिरात का गुज़रना: हर इंसान के लिए तयशुदा

जहन्नम की पीठ पर 'पुल सिरात' बिछाया गया है जिससे होकर हर इंसान (मोमिन और काफ़िर) को गुज़रना होगा। यह अल्लाह का अटल फ़ैसला है। मोमिन अपने आमाल के मुताबिक़ बिजली या तेज़ हवा की तरह सलामती से पार हो जाएंगे जबकि काफ़िर उसमें गिर पड़ेंगे।

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