कुरान - 19:8 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
قَالَ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَٰمٞ وَكَانَتِ ٱمۡرَأَتِي عَاقِرٗا وَقَدۡ بَلَغۡتُ مِنَ ٱلۡكِبَرِ عِتِيّٗا

Transliteration: (Qaala Rabbi annaa yakoonu lee ghulaamunw wakaanat imra atee 'aaqiranw wa qad balaghtu minal kibari 'itiyyaa)

उन्होंने कहा, 'ऐ मेरे रब! मेरे यहाँ लड़का कैसे होगा जबकि मेरी बीवी बाँझ है और मैं बुढ़ापे की आख़िरी हद को पहुंच चुका हूँ?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 8

✅ ख़ुशी और हैरत का इज़हार

यह सवाल इनकार की वजह से नहीं था, बल्कि इन्तेहाई ख़ुशी, तअज्जुब और कैफ़ियत जानने के लिए था कि क्या अल्लाह हमें दोबारा जवानी बख़्शेगा या इसी बुढ़ापे और बांझपन की हालत में बच्चा पैदा फ़रमाएगा।

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