कुरान - 19:6 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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يَرِثُنِي وَيَرِثُ مِنۡ ءَالِ يَعۡقُوبَۖ وَٱجۡعَلۡهُ رَبِّ رَضِيّٗا

Transliteration: (Yarisunee wa yarisu min aali Ya'qoob, waj'alhu Rabbi radiyya)

'जो मेरा भी वारिस हो और याक़ूब की आल का भी वारिस बने; और ऐ मेरे रब! तू उसे एक पसंदीदा (नेक व बरगुज़ीदा) इंसान बना।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 6

✅ इल्म व नबुव्वत की विरासत

यहाँ विरासत से मुराद इल्मे दीन, नबुव्वत और अख़्लाक़े हसना की विरासत है, क्योंकि हदीस के मुताबिक़ अंबिया-ए-किराम का कोई दुनियावी माल विरासत में नहीं बंटता, बल्कि उनकी विरासत सिर्फ़ इल्म होती है।

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