कुरान - 19:83 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

83
أَلَمۡ تَرَ أَنَّآ أَرۡسَلۡنَا ٱلشَّيَٰطِينَ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ تَؤُزُّهُمۡ أَزّٗا

Transliteration: (Alam tara annaaa arsalnash Shayaateena 'alal kaafireena ta'uzzuhum azzaa)

क्या आपने नहीं देखा कि हमने काफ़िरों पर शैतानों को छोड़ रखा है जो उन्हें (गुनाहों पर) ख़ूब उकसाते रहते हैं? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 83 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 83

✅ शैतानी बहकावा और गुनाहों पर उकसाना

जब काफ़िर हक़ से मुंह मोड़ लेते हैं, तो अल्लाह उनके ऊपर शैतानों को मुसल्लत कर देता है जो उन्हें लगातार फ़साद, तकब्बुर और कुफ़्र पर उकसाते रहते हैं।

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