कुरान - 19:85 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

85
يَوۡمَ نَحۡشُرُ ٱلۡمُتَّقِينَ إِلَى ٱلرَّحۡمَٰنِ وَفۡدٗا

Transliteration: (Yawma nahshurul muttaqeena ilar Rahmaani wafdaa)

जिस दिन हम परहेज़गारों (मुत्तक़ीन) को रहमान के हुज़ूर बा-इज़्ज़त मेहमानों (वफ़्द) की तरह इकट्ठा करेंगे; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 85 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 85

✅ मुत्तक़ीन का शाही इस्तक़बाल

क़ियामत के दिन अहले तक़वा को निहायत एहतराम, सवारी और इज़्ज़त के साथ अल्लाह की बारगाह में एक अज़ीम और मुअज़्ज़ज़ मेहमानों के वफ़्द (delegation) की तरह पेश किया जाएगा।

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