कुरान - 19:96 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

96
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ سَيَجۡعَلُ لَهُمُ ٱلرَّحۡمَٰنُ وُدّٗا

Transliteration: (Innal lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati sa yaj'alu lahumur Rahmaanu wuddaa)

बेशक जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए, रहमान उनके लिए (दिलों में) बेपनाह मोहब्बत पैदा फ़रमा देगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 96 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 96

✅ मोमिनों के लिए मख़्लूक़ के दिलों में मोहब्बत (वुद्द)

यह निहायत प्यारी और मुबारका आयत है। जब बंदा सच्चा मोमिन बनता है और नेक आमाल करता है, तो अल्लाह उससे मोहब्बत फ़रमाता है और हज़रत जिब्रील को हुक्म देता है कि आसमान वालों में एलान कर दो कि अल्लाह इस बंदे से मोहब्बत करता है लिहाज़ा तुम भी इससे मोहब्बत करो। फिर ज़मीन पर मख़्लूक़ के दिलों में उसकी सच्ची मोहब्बत और मक़बूलियत डाल दी जाती है।

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