कुरान - 19:97 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
فَإِنَّمَا يَسَّرۡنَٰهُ بِلِسَانِكَ لِتُبَشِّرَ بِهِ ٱلۡمُتَّقِينَ وَتُنذِرَ بِهِۦ قَوۡمٗا لُّدّٗا

Transliteration: (Fa innamaa yassarnaahu bilisaanika litubashshira bihil muttaqeena wa tunzira bihee qawmal luddaa)

पस हमने इस (क़ुरआन) को आपकी ज़बान में सिर्फ़ इसलिए आसान कर दिया ताकि आप इसके ज़रिये मुत्तक़ीन को ख़ुशख़बरी दें और झगड़ालू (हठधर्म) क़ौम को डराएं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 97

✅ क़ुरआन की आसानी और दावत का मक़सद

अल्लाह ने क़ुरआन मजीद को अरबी ज़बान में निहायत आसान, दिलनशीं और मुअस्सिर बनाकर नाज़िल फ़रमाया ताकि सच्चे मोमिनों को जन्नत की बशारत दी जाए और हठधर्मी करने वाले काफ़िरों को अज़ाब से डराया जाए।

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