कुरान - 50:30 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
يَوۡمَ نَقُولُ لِجَهَنَّمَ هَلِ ٱمۡتَلَأۡتِ وَتَقُولُ هَلۡ مِن مَّزِيدٖ

Transliteration: (Yawma naqoolu li'jahannama halim talaati wa taqoolu hal mim mazeed)

जिस दिन हम जहन्नम से कहेंगे: 'क्या तू भर गई?' और वह कहेगी: 'क्या कुछ और भी है?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 30

✅ 'हल मिम-मज़ीद' (क्या कुछ और है?)

जहन्नम की वुसअत और उसका ग़ैज़ व ग़ज़ब ऐसा होगा कि लाखों मुजरिमों के गिरने के बाद भी वह कहेगी कि क्या कोई और गुनाहगार बाक़ी है जिसे मैं अपने अंदर समेट लूं।

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