कुरान - 50:28 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
قَالَ لَا تَخۡتَصِمُواْ لَدَيَّ وَقَدۡ قَدَّمۡتُ إِلَيۡكُم بِٱلۡوَعِيدِ

Transliteration: (Qaala laa takhtasimoo ladaayya wa qad qaddamtu ilaikum bilwa'eed)

(अल्लाह) फ़रमाएगा: 'मेरे सामने झगड़ा न करो, और बेशक मैं पहले ही तुम्हारी तरफ़ अज़ाब की वईद भेज चुका था;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 28

✅ बारगाहे इलाही में झगड़े का ख़ात्मा

अल्लाह तआला फ़रमाएगा कि अब हुज़ूर-ए-हक़ में एक दूसरे पर इल्ज़ाम तराशी करने का कोई फ़ायदा नहीं, मैंने अपने रसूलों और किताबों के ज़रिए दुनिया में ही तुम्हें आगाह कर दिया था।

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