कुरान - 50:27 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
۞قَالَ قَرِينُهُۥ رَبَّنَا مَآ أَطۡغَيۡتُهُۥ وَلَٰكِن كَانَ فِي ضَلَٰلِۭ بَعِيدٖ

Transliteration: (Qaala qareenuhoo Rabbanaa maaa atghaituhoo wa laakin kaana fee dalaalin ba'eed)

उसका साथी (शैतान) कहेगा: 'ऐ हमारे रब! मैंने इसे सरकश नहीं बनाया था, बल्कि यह ख़ुद ही दूर की गुमराही में पड़ा हुआ था!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 27

✅ शैतान का अपनी ज़िम्मेदारी से मुकरना

क़यामत के दिन शैतान अपने पैरोकार इंसान से बेज़ारी का इज़हार करेगा और कहेगा कि मैंने कोई ज़बरदस्ती नहीं की थी, यह ख़ुद अपनी मर्ज़ी से गुमराही की राह पर चला था।

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