कुरान - 50:26 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
ٱلَّذِي جَعَلَ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَأَلۡقِيَاهُ فِي ٱلۡعَذَابِ ٱلشَّدِيدِ

Transliteration: (Allazee ja'ala ma'al laahi ilaahan aakhara fa alqiyaahu fil'azaabish shadeed)

'जिसने अल्लाह के साथ दूसरा माबूद बना रखा था; पस तुम दोनों उसे सख़्त अज़ाब में डाल दो!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 26

✅ शिर्क की सज़ा

अल्लाह की ज़ात व सिफ़ात में किसी को शरीक ठहराना सबसे बड़ा ज़ुल्म है, जिसकी पादाश में उसे जहन्नम के सबसे दर्दनाक अज़ाब में झोंक दिया जाएगा।

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