कुरान - 50:25 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
مَّنَّاعٖ لِّلۡخَيۡرِ مُعۡتَدٖ مُّرِيبٍ

Transliteration: (Mannaa'il lilkhayri mu'tadim mureeb)

'जो भलाई से रोकने वाला, हद से बढ़ने वाला और (दीन में) शक करने वाला था;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 25

✅ दोज़ख़ियों के बुरे औसाफ़

वह दूसरों को भी नेकी और भलाई से रोकता था, ज़ुल्म व ज़्यादती करता था और अल्लाह के वादों में हमेशा शक व शुबहे पैदा करता था।

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