कुरान - 38:14 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
إِن كُلٌّ إِلَّا كَذَّبَ ٱلرُّسُلَ فَحَقَّ عِقَابِ

Transliteration: (In kullun illaa kazzabar Rusula fahaqqa 'iqaab (section 1))

इनमें से हर एक ने रसूलों को झुटलाया, पस मेरा अज़ाब (उन पर) लाज़िम हो गया [24]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 14

"इनमें से हर एक ने रसूलों को झुटलाया, पस मेरा अज़ाब (उन पर) लाज़िम हो गया [24]!"

[24] हुज्जत तमाम होने के बाद अज़ाब

अल्लाह का यह क़ानूने अदल है कि वह किसी क़ौम को उस वक़्त तक अज़ाब नहीं देता जब तक कि रसूल भेजकर हुज्जत तमाम न कर दे (सूरह अल-इसरा: 15)। जब उन्होंने जानबूझकर तकज़ीब की, तो अज़ाब लाज़िम हो गया।

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