कुरान - 38:15 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
وَمَا يَنظُرُ هَـٰٓؤُلَآءِ إِلَّا صَيۡحَةٗ وَٰحِدَةٗ مَّا لَهَا مِن فَوَاقٖ

Transliteration: (Wa maa yanzuru haaa ulaaa'i illaa saihatanw waahidatam maa lahaa min fawaaq)

और ये लोग बस एक ऐसी भयानक चीख़ (सूर) की राह देख रहे हैं [25] जिससे कोई बच नहीं सकता! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 15

"और ये लोग बस एक ऐसी भयानक चीख़ (सूर) की राह देख रहे हैं [25] जिससे कोई बच नहीं सकता!"

[25] सूर की पहली फूँक

इससे मुराद हज़रत इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) का पहला सूर है जिसकी भयानक आवाज़ से तमाम कायनात फ़ना हो जाएगी और किसी को संभलने या भागने का मौक़ा न मिलेगा।

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