कुरान - 38:45 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
وَٱذۡكُرۡ عِبَٰدَنَآ إِبۡرَٰهِيمَ وَإِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ أُوْلِي ٱلۡأَيۡدِي وَٱلۡأَبۡصَٰرِ

Transliteration: (Wazkur 'ibaadanaaa Ibraaheema wa Is-haaqa wa Ya'qooba ulil-aydee walabsaar)

और हमारे बंदों इब्राहीम और इसहाक़ और याक़ूब को याद कीजिए, जो ताक़त वाले [92] और बसीरत वाले थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 45

"और हमारे बंदों इब्राहीम और इसहाक़ और याक़ूब को याद कीजिए, जो ताक़त वाले [92] और बसीरत वाले थे।"

[92] कु़व्वत और बसीरत की नेअमत

अल्लाह तआला ने इन मुक़द्दस अंबिया को दीनी कु़व्वत, इबादत की ताक़त और गहरी रूहानी बसीरत अता फ़रमाई थी जिससे वे हक़ व बातिल का कामिल इल्म रखते थे।

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