कुरान - 12:26 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
قَالَ هِيَ رَٰوَدَتۡنِي عَن نَّفۡسِيۚ وَشَهِدَ شَاهِدٞ مِّنۡ أَهۡلِهَآ إِن كَانَ قَمِيصُهُۥ قُدَّ مِن قُبُلٖ فَصَدَقَتۡ وَهُوَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ

Transliteration: (Qaala hiya raawadatnee 'an nafsee wa shahida shaahidum min ahlihaa in kaana qameesuhoo qudda min qubulin fasadaqat wa huwa minal kaazibeen)

यूसुफ़ ने कहा, "यह स्वयं मुझे फुसलाने की कोशिश कर रही थी;" और उसी स्त्री के घराने में से एक गवाह ने गवाही दी: "यदि इसका कुर्ता आगे से फटा है, तो स्त्री सच्ची है और यह झूठा है— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 26 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] न्याय का अद्भुत वैज्ञानिक व तार्किक नियम

हज़रत यूसुफ़ ने अपनी पवित्रता का सच बयान किया। उसी परिवार के एक बुद्धिमान व्यक्ति (या पालने में बोलते हुए एक दुधमुंहे बच्चे) ने अल्लाह के हुक्म से ऐसा अकाट्य न्यायसंगत फॉर्मूला दिया जिसने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now